लोन में इस्तेमाल होने वाले कुछ महत्वपूर्ण बिंदु
- Principal
Amount: प्रधान राशि लोन के रूप में जो
राशि उधारकर्ता लेती है उसे Principal Amount कहते हैं।
- Rate of
Interest: ब्याज दर, लोन लेने के लिए Principal Amount
पर कुछ शुल्क भुगतान किया जाता है
जो उसका दर होता है,
उसी को ब्याज दर कहते हैं।
- Tenure (समय अवधि): प्रत्येक लोन को चुकाने के लिए
उसका एक निश्चित समय सीमा निर्धारित किया जाता है जिसे Tenure कहते हैं।
- ऋणदाता: लोन देने वाला को ऋण दाता कहते हैं
जिसमें कि Bank
और Non-Banking Financial Companies आती है।
- उधारकर्ता: जो व्यक्ति लोन लेता है उसे ही
उधार कर्ता कहा जाता है।
लोन
के प्रकार (Types of Loan in Hindi)
अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग प्रकार के लोन होते
हैं परंतु जो मुख्यता हैं। उनके बारे में नीचे बताया गया है:
- Personal Loan
- Home Loan
- Education
Loan
- Car Loan
- Gold Loan
- Business Loan
आइए अब इसके बारे में कुछ विस्तार से जान लेते है:
1. Personal Loan – जब कोई व्यक्ति अपने निजी कार्यों को
पूरा करने के लिए किसी बैंक या Non-Banking Financial Companies से लोन लेता है तो इस प्रकार के लोन को पर्सनल लोन कहा जाता है। पर्सनल लोन मुख्यतः Short Term के लिए लिया जाता है। पर्सनल लोन
असुरक्षित लोन के अंतर्गत आता है इसलिए इसमें ब्याज दर बहुत अधिक होता है। पर्सनल
लोन को आप कहीं घूमने में,
घर के निजी कार्यों में, शादी विवाह के लिए आप ले सकते हैं
2.
Home Loan – जब कोई व्यक्ति घर बनाने के लिए किसी बैंक से या Non-Banking Financial
Companies से लोन लेता है तो उसे हम लोग होम लोन कहते हैं। होम लोन मुख्यतः long-term के लिए दिया जाता है। होम लोन Secure Loan के अंतर्गत आता है इसलिए यह धनराशि होम
लोन के लिए दी जाती है जिसमें की ब्याज दर कम होता है।
3. Education Loan – बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए
उनके माता-पिता जो लोन लेते हैं उसे Education Loan कहते हैं Education Loan चुकाने की अवधि उस बच्चे के नौकरी लग
जाने के बाद शुरू होती है।
परंतु आपको बता दें कि Education Loan
Unsecured loans के अंतर्गत आता है इसीलिए Education Loan के लिए किसी भी एक Guarantor की
जरूरत होती है। जो बच्चे की माता-पिता या फिर उसके कोई Guardian हो सकते हैं।
4. Car Loan – जब कोई व्यक्ति गाड़ी खरीदने के लिए
किसी बैंक या फिर वित्तीय संस्था से लोन लेता है तो उसे कार लोन कहा जाता है। कार लोन एक प्रकार का
सुरक्षित लोन माना जाता है और यह लोन long-term के लिए दिया जाता है।
5.
Gold Loan – जब कोई व्यक्ति अपने सोने से बने आभूषणों को ऋण दाता
के पास गिरवी रख कर उससे लोन की राशि प्राप्त कर लेता है तो इस प्रकार के लोन को गोल्ड लोन कहते हैं। लोन देने वाली यह संस्था बैंक
या फिर कोई वित्तीय संस्था हो सकती है और यह आभूषण तब तक उस ऋण दाता के पास रहेगा
जब तक वह उधारकर्ता उसे लोन की राशि वापस ना कर दे। वैसे आपको बता दें Gold loan को एक अच्छा लोन के लिए विकल्प माना
जाता है।
6. Business Loan – जब कोई व्यक्ति अपना व्यापार शुरू करने
के लिए या फिर व्यापार को ठीक ढंग से चलाने के लिए किसी भी वित्तीय संस्था से लोन
लेता है तो इस प्रकार के लोन
को बिजनेस लोन कहा जाता है। इसके लिए भारत सरकार ने
अनेक प्रकार के पहलुओं को शुरू किया है। जिसमें कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना भी आता है।
समय
अवधि के अनुसार लोन के प्रकार
समय अवधि (Time Period) के
अनुसार लोन को तीन भागों में बांटा गया है:
1.
Short term loan – वैसा लोन जिसमें कि पैसे चुकाने की अवधि 1 साल या फिर 1 साल से भी कम होता है। वैसे लोन को Short term
Loan कहते हैं। इसको मुख्यता Unsecured Loan मे रखा गया है।
2. Medium Term Loan – वैसा लोन जिसमें कि पैसे चुकाने की अवधि
1 साल से लेकर के 3 साल तक की होती है, वैसे लोन को Medium Term Loan कहते हैं। इस प्रकार के लोन में Secure और Unsecured दोनों प्रकार के लोन आते हैं।
3. Long Term Loan – वैसे लोन जिसमें पैसे चुकाने की अवधि 3 साल या फिर उससे भी अधिक होती है, वैसे लोन को Long Term Loan कहते हैं। इसमें सिर्फ Secured लोन को ही जगह दी गई है।
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Reverse Mortgage in Hindi?
सिक्योर्ड लोन और अनसिक्योर्ड लोन में क्या अंतर है?
जब भी आप किसी वित्तीय संस्था से लोन लेते हैं तो
आपको यह पता होना चाहिए कि Secured Loan और Unsecured Loanमें क्या अंतर होता है:-
1. Secured Loan में हमें बैंक को Security के रूप में अपनी संपत्ति को दिखाना
पड़ता है। जिसने कि आपका घर जमीन या कोई और संपत्ति हो सकती है परंतु Unsecured Loan में ऐसे किसी भी Security की आवश्यकता नहीं होती है।
2. Secured Loan Medium
term से लेकर long-term तक के लिए दिया जाता है परंतु Unsecured Loan 1 साल से भी कम समय के लिए दिया जाता है।
3. Secured Loan में Interest rate कम होता है परंतु Unsecured Loan में Interest Rate Secured Loan से अधिक होता है।
4. किसी वित्तीय संस्था के लिए Secured Loan मे जोखिम कम होता है क्योंकि आपकी कोई
ना कोई चीज Security
के रूप में वित्तीय संस्था या फिर
उधारकर्ता के पास रखी हुई होती है परंतु Unsecured loans में जोखिम ज्यादा होता है क्योंकि इसे बिना Security के किसी भी ऋणकर्ता को ऋण प्रदान किया
जाता है।
5. Secured Loan ना चुकाने की अवस्था में बैंक आपके उस Collateral को यानी की जमा पूंजी को जप्त कर लेता
है परंतु Unsecured
Loans ना चुकाने की स्थिति में बैंक सिर्फ आप
पर मुकदमा दायर कर सकता है।
6. Home Loan या फिर Car Loan को Secured Loan की Category में रखा गया है परंतु Credit card पर मिलने वाला लोन को Unsecured Loan की Category में रखा गया है।
लोन
कैसे ले?
किसी भी प्रकार के लोन लेने के लिए दो तरीकों का
इस्तेमाल किया जाता है 1.
Online और 2. Offline आप
दोनों में से किसी भी प्रकार का चयन करके लोन ले सकते हैं:-
1. ऑनलाइन लोन लेने के तरीके
ऑनलाइन प्रोसेस के माध्यम से अगर आप लोन लेना चाहते
हैं तो इसके लिए सबसे पहले आप जिस वित्तीय संस्था से लोन लेना चाहते हैं। उसके लोन
फॉर्म को डाउनलोड करके उसे Fill करके Submit करना होता है। अगर आप उसकी Criteria को पूरी तरह से Fulfill करते
हैं और आप उसके लोन के लिए Eligible पाए जाते
हैं तो लोन की राशि आपके बैंक खाते में Credit कर दी
जाती है।
2. ऑफलाइन लोन लेने के तरीके
ऑफलाइन प्रोसेस के माध्यम से अगर आपको लोन चाहिए
होता है तो सबसे पहले आपको उस वित्तीय संस्था के पास जाना होता है और आपको उसके
पास से एक Loan
Application लेकर उसे भरना होता है। उसकी सभी Rules and regulations
का पालन करना होता है और अगर आप उस लोन के लिए Eligible पाए जाते हैं तो आपका Loan Application स्वीकार कर आपके Bank account में
वह धनराशि डाल दी जाती है।
लोन
लेने के फायदे (Advantage of Loan in Hindi)
लोन लेने के फायदे निम्नलिखित हैं –
- आप अपनी जरूरत के अनुसार आपको
जितनी राशि चाहिए आप उतनी राशि प्राप्त कर सकते हैं।
- अगर आप लोन के लिए Eligible पाए जाते हैं तो 24 से 48 घंटों में वह धनराशि आपके Bank account में सुरक्षित Transfer कर दी जाती है।
- लोन चुकाने के लिए आप अपने कमाई के
अनुसार समय सीमा को तय कर सकते हैं कि आपको कब तक लोन चुकाना है।
- आपको जिस प्रकार की जरूरत है उस
अनुसार आप उस प्रकार के लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- लोन लेकर आप अपनी आर्थिक स्थिति
में भी सुधार ला सकते हैं।
- Income tax act,
1961 के अनुसार प्रायः सभी प्रकार के
लोन में आपको Tax
Benefit की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
लोन लेने के नुकसान (Disadvantage of Loan in Hindi)
लोन लेने से होने वाले नुकसान निम्न प्रकार है –
- लोन को वापस चुकाने के उपरांत आपको
मूलधन के साथ ब्याज भी चुकाना होता है।
- समय पर लोन की राशि न चुका पाने की
स्थिति में आप की संपत्ति को ज़ब्त किया जा सकता है।
- लोन की EMI समय पर ना चुकाने की स्थिति में आप
को Penalty
के रूप में अतिरिक्त राशि चुकानी
पड़ सकती है।
- पर्सनल लोन में ब्याज दर की अधिकता
पाई जाती है।
- लोन लेने के समय उधारकर्ता को अन्य
प्रकार के शुल्क से से होकर गुजरना पड़ता है जिसमें की प्रोसेसिंग फीस, सर्विस फीस, इत्यादि
मोबाइल
से लोन कैसे लें
आपको बता दें कि बैंकों के मुकाबले NBFC (Non-Banking
Financial Companies) आसानी से लोन उपलब्ध करा देती है।
सभी बैंकों और एनबीएफसी कंपनियों के मोबाइल ऐप Google play store और ios पर
उपलब्ध है। यदि आप मोबाइल फोन से लोन लेना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अपने मनचाहे
Bank या कंपनी का App Play Store में
जाकर Download
कर लेना होगा। उसके बाद आपको उसके आगे के Step को Follow करना
होगा।
जिसमें आपसे प्रमुख दस्तावेज के रूप में आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट, पैन कार्ड, मोबाइल
नंबर और आपके बैंक खाते की जानकारी मांगी जाएगी। अगर आप उसके सभी नियम और शर्तों
को मानते हुए आप उसे सभी प्रकार के दस्तावेज मुहैया करा देते हैं तो आपको जल्द ही
आपके जोड़े गए बैंक खाते में पैसे क्रेडिट कर दिए जाएंगे।
लोन
के लिए अप्लाई करने से पहले ध्यान में रखने योग्य बातें
वर्तमान समय में लोन लेना बहुत ही आसान बात है परंतु
कुछ चीजों को ध्यान में रखना आवश्यक होता है। अन्यथा बाद में आपको उस चीज के लिए
पछताना भी पड़ सकता है तो चलिए ऐसे कुछ बिंदुओं को हम लोग ध्यान देते हैं:-
1. Credit Score: लोन के लिए Apply करने से पहले खुद से अपना Credit History जरूर Check कर लेना चाहिए। यह Credit History एक प्रकार का Record होता है जो कि आपके द्वारा की गई Investment और आपके द्वारा ली गई लोन और उससे पहले के Payment Record को दिखाता है। यह किसी भी बैंक को यह
दर्शाता है कि आपके पहले का Track Record क्या है?
पैसे के मामले में क्या आपको सही में
लोन देना उचित है या नहीं?
वैसे आपको बता दें कि एक अच्छा Credit Score 750 या उससे भी अधिक को माना जाता है।
2. Rate of
Interest: लोन के
लिए अप्लाई करने से पहले एक बार जरूर से उसका Interest rate Check कर लेना चाहिए क्योंकि जिस लोन पर Collateral बैंक के पास जमा होती है। उसमें Loan Interest rate होता है परंतु जिस लोन के लिए Collateral जमा नहीं होता है उस पर Higher Interest Rate होता है।
3. Processing Fee और Extra Charges: अगर आप किसी भी वित्तीय संस्था के साथ
लोन के लिए अप्लाई करते हैं तो उसका एक Processing fee होता है और यह सभी संस्थाओं का अलग-अलग होता है। इसे
एक बार जरूर से चेक कर लें कि किस संस्था का कितना प्रोसेसिंग फी है और साथ ही अगर
आप अपने लोन के पेमेंट को देने के डेडलाइन को अगर देरी कर देते हैं तो वह संस्था
आपसे Penalty
के रूप में Charge भी लेता है। जो कि सभी वित्तीय संस्थाओं
के अलग-अलग होते हैं।
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